Vision · विज़न
एक ऐसे समाज का निर्माण करना जहाँ प्रत्येक प्राणी, चाहे वह मनुष्य हो या पशु, आदर, सुरक्षा और पर्याप्त देखभाल के साथ जीवन यापन कर सके। प्रकृति और प्राणियों के बीच सामंजस्य स्थापित करना ही हमारा परम लक्ष्य है।
About us · हमारे बारे में
Jai Ghushmeshwar Lok Seva Sansthan
विश्व कल्याण एवं समाज सेवा के साथ-साथ समस्त जीवों की सेवा हेतु समर्पित।

स्थापना एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
जय घुसमेश्वर लोक सेवा संस्थान, ग्राम – तारापुर, पोस्ट – कोटवा शुकुलपुर, जिला – प्रतापगढ़ (उ.प्र.) – 230136 की स्थापना 1 अप्रैल 2008 दिन मंगलवार को नूतन वर्ष के शुभ अवसर पर आदि गंगा सई नदी के पावन तट पर अवस्थित हुई। इसकी स्थापना द्वादश ज्योतिर्लिंग की उपादेयता से विभूषित स्वस्फुटित घुसमेश्वर महादेव (बाबा घुइसरनाथ) के नाम पर की गई।
संस्थान का मुख्य उद्देश्य विश्व कल्याण एवं समाज सेवा के साथ-साथ समस्त जीवों की सेवा, पर्यावरण संरक्षण, जीव-जंतुओं, पशु-पक्षियों, पेड़, पौधों–वनस्पतियों की रक्षा-सुरक्षा आदि हैं।
ऐतिहासिक, पौराणिक एवं धार्मिक स्थल बाबा घुसमेश्वर नाथ की महिमा जगजाहिर है, जिसका वर्णन शिव महापुराण, गोस्वामी तुलसीदास कृत श्रीरामचरितमानस और महर्षि वाल्मीकि विरचित रामायण समेत अनेकों ग्रंथों में मौजूद है।
साथ ही साथ भोजपुर गांव में मौजूद राजा भोज का किला और किले से मंदिर तक आने वाली ऐतिहासिक सुरंग एवं सई नदी तट पर स्थित करील का बृक्ष भी इस क्षेत्र की ऐतिहासिकता एवं पौराणिकता को प्रमाणित करते हैं।
हमारा विज़न और मिशन
एक ऐसे समाज का निर्माण करना जहाँ प्रत्येक प्राणी, चाहे वह मनुष्य हो या पशु, आदर, सुरक्षा और पर्याप्त देखभाल के साथ जीवन यापन कर सके। प्रकृति और प्राणियों के बीच सामंजस्य स्थापित करना ही हमारा परम लक्ष्य है।
निरंतर स्वास्थ्य शिविरों, शिक्षा केन्द्रों और सेवा आश्रमों के माध्यम से समाज का उत्थान करना। साथ ही पर्यावरण और पशु-पक्षियों के संरक्षण हेतु स्थायी ढाँचे स्थापित कर विश्व कल्याण के उद्देश्य को पूरा करना।

श्री कुल भूषण शुक्ल · संस्थान प्रबंधक
संस्थान का नेतृत्व
संस्थान के प्रबंधक श्री कुल भूषण शुक्ल जाने-माने प्रतिष्ठित समाजसेवी, अधिवक्ता एवं पत्रकार हैं। श्री शुक्ल के ह्रदय में स्नातक की शिक्षा ग्रहण करने के दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना एवं तत्पश्चात मेरा भारत केन्द्र (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार) में राष्ट्रीय सेवा कर्मी के तौर पर हुई सरकारी नियुक्ति के दौरान ही राष्ट्र एवं समाज के उत्थान हेतु एक ऐसी लौ प्रज्वलित हुई जिसने आगे चलकर उन्हें जाने-माने समाजसेवी के तौर पर स्थापित किया।
उन्हें जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर अनेकों पुरस्कार, प्रशस्ति-पत्र एवं सम्मान पत्र भी प्राप्त होते रहते हैं।
For life-saving efforts and outstanding contribution during the COVID-19 pandemic.
Honoured by the then District Magistrate Shri Surendra Singh (IAS) for driving voter turnout in Pratapgarh.
Successfully led the Government of India's Red Ribbon Express campaign against HIV/AIDS.
मुख्य स्थायी सेवा कार्य
जय घुसमेश्वर लोक सेवा संस्थान, प्रतापगढ़ के बैनर तले समाज और जीव-जंतुओं के कल्याण हेतु अनेकों स्थायी कार्य अनवरत किए जा रहे हैं।
आपका एक छोटा दान, किसी गौमाता का पूरा दिन बदल सकता है।